सूर्य ग्रहण : 21 जून तैयार रहे, दिन में छा जाएगा अंधेरा, दिखेंगे तारे


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 21 जून को सदी का सबसे बड़ा कंकणाकृति सूर्य ग्रहण 21 जून को पड़ रहा है। सदी का सबसे बड़ा ग्रहण होने के कारण इस पर शोध भी होगा। जबकि इसके प्रभाव के चलते दिन में अंधेरा छा जाएगा। साथ ही दिन में तारे भी दिखाई देंगे। ऐसा कहना है श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा का।
उन्होंने बताया कि 21 जून रविवार सुबह 09.16 से दोपहर 3.04 बजे तक कंकणाकृति सूर्य ग्रहण पड़ेगा। भारतीय भूभाग पर ग्रहण को सुबह दस बजे से दोपहर ढाई बजे की अवधि में देखा जा सकेगा।

सुबह 10.19 से 02.02 बजे के बीच खग्रास स्थिति में सूर्य ग्रहण को बिना दूरबीन के देख पाना असंभव है। ग्रहण के वक्त दिन में अंधेरा छा जाएगा और तारे दिखाई देंगे। यह सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के लिए एक शोध का विषय बनेगा। अलीगढ़ में रवि बिम्ब 89% ग्रसित होगा। इस ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए। विशेष प्रकार के चश्मे या जल भरे पात्र में इसे देखना अच्छा रहेगा।

ग्रहण का दृश्य प्रभाव
भारत में यह सूर्यग्रहण पोखरी ऊखीमठ, अगस्तमुनि, चोपता, मयाली, गन्साली, झेलम, टिहरी, नई-टिहरी, चंबा, देहरादून, जगधारी, यमुनानगर, शरीफगढ़, कुरुक्षेत्र, थानेसर, नंदादेवी, जातन, नेशनलपार्क, अनूपगढ़, चमौली, विजयनगर, अमरपुरा, सूरतगढ़, रंगमहल, मेहरवाला, सिलवालाखुर्द, द्रोणागिरी, जोशीमठ, पीपलकोटी, रुद्रनाथ, गोपेश्वर आदि स्थानों सहित हिमाचल-प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, मध्य-प्रदेश, चीनी-सीमांत क्षेत्र मे कंकणाकृति के रूप में दृश्य होगा।

ग्रहण के समय मंत्रों का जाप करें
सूर्य ग्रहण गर्भवती महिलाएं, धर्मगुरुओं, साधु-संन्यासी, धार्मिक नेता, उद्योगपति, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, ग्रहमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री, नवविवाहित वर-वधु, कन्या, विवाह योग्य वर-कन्या तथापि महिलाओं के लिये ग्रहण प्रतिकूल रहेगा। इसीलिए इन सभी को ग्रहण दर्शन योग्य नहीं है। इस समय में पूजा पाठ सुंदरकांड, भगवत गीता का पाठ, गुरु मंत्र का जाप करना अति उत्तम रहेगा।

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