छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया : कर्नाटक से झारखंड जा रहे अनिल बोले- छत्तीसगढ़ में मिला घर जैसा माहौल

बिलासपुर के तिफरा बस स्टैंड परिसर में मजदूरों को मिल रही रुकने और खाने की बेहतरीन व्यवस्था

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा अनुरूप बिलासपुर में अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों की भी प्रत्येक सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। तिफरा बस स्टैंड परिसर में बनाए क्वारंटाइन सेंटर में मजदूरों के लिए रुकने और खाने की बेहतर व्यवस्था की गई है। कर्नाटक से झारखंड के गढ़वा जा रहे मजदूर अनिल राम ने बताया कि वे रायपुर तक पैदल चलकर आए हैं। वहां उन्हें कुछ लोगों ने भोजन उपलब्ध कराया। बिलासपुर पहुंचने पर मैं तिफरा परिसर पहुंचा। यहां पर जिला प्रशासन द्वारा खाना और पेयजल उपलब्ध कराया गया है। अनिल कहते हैं कि इतने राज्यों से होकर आ रहा हूं लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसा लग रहा है जैसे घर पहुंच गया हूं। इसके अलावा बहतराई स्टेडियम में अन्य राज्यों से आ रहे मजदूरों की मेडिकल स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था की गई है। यहां प्रत्येक प्रवासीय मजदूरों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जा रही है। थर्मल स्कैनिंग के जरिए बुखार नापा जा रहा है। यदि किसी में थोड़े से भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो रैपिड टेस्ट द्वारा आगे की जांच कर रहे हैं।

पूरे स्टेडियम को एयरकूल

मेडिकल स्क्रीनिंग के दौरान उन्हें गर्मी का अहसास ना हो इसके लिए पूरे स्टेडियम को एयरकूल कर दिया गया है। मजदूरों को गर्मी से राहत देने थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कूलर रखे गए हैं। पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इंडोर स्टेडियम में करीब 50 डॉक्टरों की टीम दिन रात स्वास्थ्य जांच में लगी हुई है। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए डॉक्टर और मजदूरों के बीच मे पॉलीथीन का पर्दा लगाया गया है। संक्रमण ना फैले इसके लिए पूरे परिसर को कई बार सोडियम हाइपो क्लोराइड और क्लोरीन से सेनिटाइज किया जा रहा है।

शिफ्ट प्रभारी डॉक्टर यश अग्रवाल ने बताया कि आने वाले मजदूरों की ट्रैवल हिस्ट्री नोट की जा रही है। उनसे तकलीफ भी पूछी जा रही है। प्रोटोकॉल के हिसाब से सभी मजदूर स्वास्थ्य जांच से गुजर रहे हैं। इसके बाद ही वे गन्तव्य की ओर जा रहे हैं। स्वास्थ्य जांच टीम में डॉ. प्रांजल सिंह, डॉ. प्रिया रावत, डॉ. पिंकी जेसवानी, डॉ. अमिता दुबे उपस्थित रहीं।

 

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