#Speakforformer में मुख्यमंत्री भूपेश ने केंद्र पर फिर बोला हमला, कानून वापस लेने की मांग

रायपुर। मोदी सरकार की कृषि बिल का देश के अलग-अलग राज्यों के किसानों के साथ-साथ कांग्रेस भी जमकर विरोध कर रही है। इसी क्रम में अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया में #स्पीकफॉरफार्मर कैंपेन का आगाज़ किया है। कैंपेन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए हैं। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम भी कैंपेन का हिस्सा बने ।

मुख्यमंत्री ने कहा-किसानों को होगा नुकसान

लोकसभा में पारित तीनो बिल किसानों के विरोध में है,एक राष्ट्र एक बाजार की बात करने वाले यदि एक दर की भी बात करते तो हम इसका विरोध नहीं करते साथ ही कहा कि इससे किसानों को कीमत कम मिलेगी और उनको लाभ नहीं बल्कि नुकसान होगा। जिससे किसान अपने ही खेत में मज़दूर बन जायेगा। वहीं आवयश्यक वास्तु और नियम में संशोधन किया है जिससे कोई भी व्यापारी कितना भी अनाज अपने गोदाम में रख सकता हैं इसका अर्थ यह है की किसानों से सस्ते दर पर अनाज खरीदेंगे और मनमाने रेट पर बेचेंगे. मुख्यमंत्री ने उदाहरण के रूप में बताया कि कुछ साल पहले अरहर की दाल 200 रूपए किलो में बिकी थी ,वही प्याज 80 रूपए से 100 रूपए तक बीके थे यह उसी तरह की व्यवस्था होगी।

पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र सरकार तीन काला कानून वापस ले. एमएसपी का प्रावधान तय किया जाए और मंडी व्यवस्था खत्म न की जाए। कांग्रेस का कहना है कि लोस में तीन काले कृषि कानून पास हुए। पहला राष्ट्र-एक बाजार तो ऐसे में एक दाम क्यों नहीं। एक दाम की बात करें तो हम विरोध नहीं करेंगे।आगे कहा कि कांट्रेक्ट फार्मिंग से किसान अपने खेत में मजदूर बनेंगे। किसानों से सस्ते दाम में अनाज खरीदेंगे व्यापारी। व्यापारी अनाज की जमाखोरी कर महंगे दाम में बेचेंगे। इसी तरह कॉपरेटिव बैंक में भी निजी लोग घुस जाएंगे।

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