तीन बड़े विभाग में करोड़ों का घोटाला, एक मामले में एफआईआर के निर्देश, दो में जांच जारी


द भारत लाइव. कवर्धा।
कबीरधाम जिले में अधिकारियों की मनमानी चल रही है। एक के बाद एक बड़े घोटाले सामने आ रहे है। वर्तमान में तीन बड़े विभाग में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है। इसमें से एक मामले में कलेक्टर ने एफआईआर करने के निर्देश दिए है। जबकि दो अन्य विभाग के गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों की जांच चल रही है।

जी हां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पर गड़बड़ी कर लाखों रुपए की हेराफेरी करने का आरोप लगा है। डीपीएम पर हेल्थ वेलनेस सेंटर के बजट में मनमानी करते हुए अपने चेहते से काम कराया गया। इसी प्रकार मिसल रूबेला में भी काफी मनमानी की है। वही सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करते हुए घूम रही है। जबकि शासकीय गाड़ी का अधिकार भी डीपीएम को नहीं है। इन सभी के मामले की जांच सीएचएमओ ने टीम गठित कर रही है।

सर्व शिक्षा विभाग में साढ़े 18 लाख का घोटाला :

कवर्धा जिले के सर्व शिक्षा अभियान विभाग मे 18 लाख 52 हजार रुपये का गड़बड़ी का मामला सामने आया है। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब फाईल आडिट मे फंस गई और 18 लाख 52 हजार के गड़बड़ी का खुलासा हुआ, दरअसल विभाग बिना काम किए, बिना नोटशीट चलाए इतनी बड़ी रकम को किसी अन्य के खाते में डालकर निकल लिया गया और किसी को पता भी नहीं चला।

सिविल मद की राशि को इधर उधर कर गायब कर दिया गया था लेकिन मामला तुल पकड़ता देख गड़बड़ी करने वालों ने सरकार के खाते में 18 लाख 52 हजार रुपये जमा करवा दिए। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी सर्व शिक्षा अभियान के समन्वयक जवाबदार है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले में फिलहाल गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ जांच कि जा रही है। जांच में खुलासा होने पर कार्रवाई की जाएगी। 

भौतिक सत्यापन में 1 करोड़ पांच लाख का घोटाला :

रमेश कुमार शर्मा ने कबीरधाम जिले के पांच धान उपार्जन केन्द्रों के भौतिक सत्यापन में चार हजार एक सौ कि्ंवटल धान की कमी पाए जाने पर संबंधित उपार्जन केन्द्रों के कार्यकारणी समिति, धान खरीदी प्रभारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर के विरूद्व अपराध दर्ज कराने के आदेश दिए है। यह पांच धान उपार्जन केन्द्र पंडरिया विकासखंड के दुल्लापुर, सरईसेत, कोदवागोड़ान, किशुनगढ़ और पाढ़ी करपीगोड़ान है। भौतिक सत्यापन में कमी पाए गए धान के मूल्य लगभग 1 करोड़ 5 लाख रुपए का आंकलन किया गया है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में सेवा सहकारी समिति द्वारा धान उर्पाजन कार्य किया गया है। इसमें इन 5 उवर्जन केंद्र में बड़ी मात्रा में गड़बड़ी हुई और विपडन विभाग के अधिकारियों को भनक तक नही लगी। करीब 1 करोड़ 5 लाख के घोटाले का खुलासा हुआ है।

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