प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में मानवता फिर हुई शर्मसार, मरीज़ की धड़कन बिना जांच किए मृत घोषित किया, मेकाहारा का अजूबा


रायपुर ।
अम्बेडकर अस्पताल में बगैर जांच किए सिमगा निवासी संजय को मृत घोषित किए जाने पर छत्तीसगढ़ संगवारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आश्चर्य व्यक्त किया है। समिति के अध्यक्ष राजकुमार राठी ने कहा कि कानून में यह नियम है, यदि कोई गंभीर मरीज़ अस्पताल पहुँचता है तो अस्पताल प्रबंधन की जवाबदारी होती है कि पहले मरीज़ का इलाज शुरू करे। औपचारिकता बाद में पूरी करे, लेकिन अम्बेडकर अस्पताल में ठीक इससे विपरीत इलाज़ के लिए तड़प रहे संजय से पहले फॉर्म भरवाया गया।

उन्होंने कहा कि सारी औपचारिकता करने में अम्बेडकर अस्पताल प्रशासन के 2 घंटे व्यर्थ करने के कारण संजय ने बिना इलाज़ के दम तोड़ दिया। इसके बावजूद किसी भी डॉक्टर ने मरीज़ को हाथ लगाए बगैर मात्र यह देखकर की शरीर मे कोई प्रतिक्रिया नहीं दिख रही है, संजय को मृत घोषित कर दिया।

मामले को छत्तीसगढ़ संगवारी संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष मंजुलमयंक श्रीवास्तव, महामंत्री सुब्रत घोष, अशोक गुप्ता, किशोरचंद नायक, योगेंद्र सिंह, दीपक वर्मा, पवन सिंघल, अमलेश सिंह, राजेंद्र शर्मा रमेश ठक्कर, अभिषेक गुप्ता, रेखा शर्मा, मिनी पांडेय, अर्चना शुक्ला,कपिला सिंह, जितेंद्र नाग ने भी शर्मनाक बताया है।

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