खबर विशेष: कवर्धा में फूट रहा कोरोना बम,लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा कवर्धा, बड़े वर्ग की लापरवाही कही ले न ले छोटे व्यापारी वर्ग की जान



एक तरफ़ कोरोना महामारी, देश में lockdown के बाद Unlock और Unlock के बाद फिर से शहर में Lock..

साथ मे देश की गिरी हुयी अर्थव्यवस्था..

बेपरवाह जिला प्रशासन, सोयी हुई नगर पालिका..

फिर से दौड़ेगा कालाबाज़ारी का खेल..

बड़े वर्ग की आवाजाही और लापरवाही..

कहीं ले न ले छोटे व्यापारी वर्ग की जान


द भारत लाइव। एक तरफ़ कोरोना महामारी, देश में lockdown के बाद Unlock और Unlock के बाद फिर से शहर में Lock लगने की तैयारी चल रही है. वही दूसरी तरफ़ देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह गिरी हुयी है. लम्बे समय से lockdown फिर unlock-lock के खेल ने आम आदमी को गरीब और गरीब के सामने जीवन जीने की समस्या मे उलझा दिया है.

वही पिछले lockdown मे कालाबाज़ारी का खेल प्रशासन के सामने ज़ोरों पर चला. कई के कालेधन तो एक से दस गुना हो गये. मगर प्रशासन कोरोना के डर से सिर्फ़ कार्यालय और अपने दफ़्तरों तक ही क्वारंटाइन होकर रह गयी. वही ताज़ा मिले कोरोना के आँकड़े मे ज़्यादातर मामले मेन मार्केट बाज़ार और शहर के मुख्य इलाक़ों के बड़े वर्गों से ही है जिनकी लापरवाही का ख़ामियाज़ा अब पूरे शहर और गरीब व्यापारी वर्ग और आम जनता को भुगतना होगा. जो बड़ी मुसकिल से अभी तो फिर से खड़े हुए थे बस रोज़ी रोटी रोज़मर्रा चालु ही हुआ था के अब फिर से Lockdown की कगार पर शहर कवर्धा खड़ा है.

कवर्धा शहर में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है।जैसे जैसे मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है वैसे वैसे ही प्रशासन के दावों की पोल अब खुलने लगी है।

जानकारी के मुताबकि कुछ दिन पहले एक परिवार खुद से कोरोना टेस्ट करवाने जिला हॉस्पिटल पंहुचा था मगर घण्टों बीत जाने के बाद उनका टेस्ट किया गया जबकि टेस्ट में देरी होने का कारण टेस्ट किट का न होना बताया गया।उसी तरह अब जैसे जैसे शहर में मामले बढ़ रहे है वैसे ही नगर पालिका की तैयारी भी फीकी दिख रही है।

कुछ लोग तो अब दबी जुबान में ये भी कहने लगे है कि कवर्धा नगर पालिका ने कभी भी पूरे कवर्धा शहर को सैनिटाइज किया ही नही केवल चेहरे और वार्ड देखकर कुछ वार्डो में ही सैनिटाइज किया गया है,अभी भी न तो सफाई ठीक से हो रही न ही किसी तरह का सैनिटाइजेशन हो रहा है।

उसी तरह बात करें शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों में जनता की राय की तो अब जनता खुले मन से कह रही है कि कवर्धा में पूर्ण लॉकडाउन कर दिया जाना चाहिए क्योंकि जिस तरह कुछ दुकानदारों में कोरोना की पुष्टि हुई है उससे सभी डरे हुए है और अब कठोर कदम उठाए जाने की मांग की जा रही है।

क्यूँकि अमीरों की सेवा में व्यस्त प्रशासन का डंडा अब फिर गरीबो पर चलेगा।

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