RAIPUR:गर्भवती महिला हुई अमानवीयता का शिकार, जमीन पर दिया बच्चे को जन्म, दर्द से तड़पती रही पर किसी ने नहीं बढ़ाया मदद का हाथ

रायपुर। शहर के जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला अमानवीयता का शिकार हो गई। डॉक्टर, नर्स या अस्पताल के अन्य स्टाफ, आम लोग किसी ने इंसानियत के नाते मदद का हाथ नहीं बढ़ाया। महिला ने दर्द से कराहते, चींखते हुए अस्पताल की लॉबी में जमीन पर बच्चे को जन्म दिया। उसे कोविड पॉजिटिव आने के बाद गर्भवती महिलाओं के लिए बने कमरे से बाहर निकाल दिया गया था। इसी बीच महिला को तेज दर्द हुआ और वह बेसुध हो गई। महिला के साथ मौजूद उसकी एक रिश्तेदार ने उसकी मदद की। इस घटना को अस्पताल में मौजूद एक शख्स ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया।

जांच के आदेश जारी

 

मामला कालीबाड़ी इलाके में स्थित जिला अस्पताल का है। इस घटना के बारे में पूछे जाने पर यहां के प्रभारी डॉ. रवि तिवारी ने बताया कि इस घटना के मैंने जांच के आदेश दे दिए हैं। किसकी गलती है, यह तो मैं जांच के बाद ही बता पाऊंगा। दरअसल, किसी भी सर्जरी या डिलिवरी से पहले हम कोविड टेस्ट करते हैं। इस महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मेकाहारा रेफर किया गया था। मेकाहारा और रायपुर एम्स में ही गर्भवती कोविड पॉजिटिव महिलाओं को भेजा जा रहा है।

मौजूद लोगों को अंदर चिकित्सकों को सूचित करना चाहिए था

 

डॉ. रवि ने बताया कि ऐसा इसलिए ताकि अन्य महिलाएं या बच्चे संक्रमित ना हों। महिला बाहर एंबुलेंस का इंतजार कर रही थी। गाड़ी में आने में देरी की वजह से ऐसा हुआ होगा। घटना के वक्त मौजूद लोगों को अंदर चिकित्सकों को सूचित करना चाहिए था, वहां मौजूद स्टाफ या डॉक्टर की भी जवाबदारी बनती थी कि लेबर रूम में महिला को निगरानी में रखते। हम इस घटना की जांच कर रहे हैं। फिलहाल महिला को मेकाहारा के प्रेग्नेंट कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया है। वो डॉक्टर्स की निगरानी में है, बच्चा भी बिल्कुल ठीक है।

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