बाड़ी योजना की सब्जी से प्रवासी श्रमिको को मिल रही राहत


कोरोना वायरस से बचाव के लिए बने राहत शिविरों में महिला स्व. सहायता समूहद्वारा किया जा रहा सब्जी की आपूर्ति

प्रवासी मजदूरों को भोजन में मिल रही है पौष्टिक सब्जीयाॅ

कवर्धा, 25 मई 2020। मल्टीयूटिलिटि सेन्टर राजानवागांव में महिला स्वसहायता समूह द्वारा उत्पादित विभिन्न प्रकार के पौष्टिक सब्जियों का उपयोग कबीरधाम जिले के विभिन्न राहत शिवरो में हो रहा है। महिला समूह द्वारा उत्पादित सब्जियां राजाढ़ार के राहत शिविर से लेकर भागूटोला, दशरंगपुर एवं अन्य स्थानों में हो रहा है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के महामारी से बचाव के लिए कबीरधाम जिले के सभी सीमाओं में एवं विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर संचालित किया जा रहा है। राहत शिविरों में प्रवासी लोगो के लिए भोजन की व्यवस्था प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ शासन के मंशा अनुरूप ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए आजीविका के साधन से जोड़ने के लिए बहुत सी गतिविधियाॅं संचालित किया जा रहा है इसी क्रम में मल्टीयूटिलिटि सेन्टर में अलग-अलग पांच महिला समूह सब्जी उत्पादन के गतिविधियों से जुड़ी हुई है।

महिला समूह के सदस्यों ने अपने गतिविधियों के बारे में चर्चा कर जानकारी दी गई। भारत माता महिला स्व.सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमति सुनिता श्रीवास बताती है की विगत महीने से समूह कि महिलाएं सब्जी की उत्पादन में लगी हुई है। समूह द्वारा गवार फल्ली, करेला, बरबटटी जैसे अन्य सब्जीयाॅ उत्पादन कर रहीं है। भारत माता समूह द्वारा बोड़ला शिविर में सब्जीयाॅ उपलब्ध करा रही है। खुले बाजार के साथ शिविर में समूह द्वारा 9,620 रूपये से अधिक मूल्य के सब्जियों का विक्रय कर लाभ कमाया गया है। सांई राम महिला स्व.सहायता समूह कि अध्यक्ष श्रीमती दु्रपति मानिकपूरी ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि 13 क्विंटल से अधिक भिंडी एवं लगभग 3.5 क्विंटल गवार फल्ली का उत्पादन हो गया है जिसे मांग अनुसार राहत शिविर चिल्फी, राजाढ़ार में दिया गया है। समूह कि महिलाओं द्वारा सब्जी उत्पादन से 14368 रूपये से अधिक का लाभ कमाया गया है। इसी तरह राधारानी महिला स्व.सहायता समूह द्वारा 13648 रुपये, कूमकूम भाग्य महिला स्व.सहायता समूह द्वारा 10560 रुपये एवं मां दूर्गा महिला स्व.सहायता समूह द्वारा 4278 रुपये का लाभ केन्द्र में हरी सब्जी उत्पादन कर कमा गया है।

कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने बताया कि नोवेल कोरोना वायरस के कारण बाहर से प्रवासी मजदूरों का जिले में आना लगातार जारी है। ऐसे मजदूरों के लिए जिले के बाॅर्डर में राहत शिविर संचालित कर चाय, नाश्ता, भोजन की पूरी व्यवस्था की जा रही है, जिससे किसी को भी भूखा न रहना पड़े। राहत शिविरों में खादय सामग्रियों के लिए सब्जी कि आपूर्ति महिला स्व.समूह द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा है। श्री अवनीश कुमार शरण ने आगे बताया कि मल्टीयूटिलिटि सेन्टर राजानवागांव में सब्जियों का उत्पादन जैविक खेती से हो रहा है, जो बहुत ही पौष्टिक है। राहत शिविर में सब्जियो को उचित मूल्य पर बेचने से महिला समूह को भी सीधे आर्थिक लाभ हो रहा है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री विजय दयाराम के. जानकारी देते हुए बताया कि पांच महिला समूह आजीविका के कार्य से जुड़ी है। सब्जी उत्पादन से महिला समूह को आर्थिक लाभ हो रहा है और प्रवासी मजदूरों के लिए राहत शिविर में पौष्टिक हरी सब्जियां
उपलब्ध हो रहा है। तोरई, खीरा, भिन्डी, बरबटटी, करेला, गवार फल्ली, कददु, मिर्ची, बंद गोभी, लौकी जैसे विभिन्न सब्जियां लगाई गई है। सभी समूह अलग-अलग सब्जियां अपनी सुविधा अनुसार उत्पादित कर रहीं है। श्री विजय दयाराम के. ने आगे बताया कि भिन्डी का उत्पादन लगभग 19 क्विंटल, बरबटटी 7 क्विंटल, 6 क्विंटल करेला, 4 क्विंटल कददु, 4.5 क्विंटल ग्वार फल्ली, 8 क्विंटल खीरा का उत्पादन सभी समूहों ने मिलकर अब-तक किया है।
समूह द्वारा बाघूटोला कोरंटाईन सेंटर में 20 किलो भिन्डी, चिल्फी कोरंटाईन सेंटर में भिन्डी, गवार फल्ली, बरबटटी सब मिलाकर 65 किलो बोड़ला हाई स्कूल में 88 किलो राहत शिविर राजाढ़ार में भिन्डी, बरबटटी, गवार फल्ली, खीरा एवं अन्य सब्जियां को मिलाकर 5.7 क्वींटल उपलब्ध कराया गया है। तथा राहत शिविर महराजपूर में लौकी, खीरा, भिन्डी मिलाकर दिया गया। इस तरह लगभग 15,000 रूपये से अधिक की सब्जियां सिर्फ राहत शिविर में उपलब्ध कराते हुए समूह ने आर्थिक लाभ कमाया है। साथ ही बाज़ार में बेच कर सभी समहू ने कुल मिलाकर लगभग 52666 रुपये का विक्रय है।

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