द भारत लाइव।हक़ीक़त की जमीं पर “शासन: मंदिरों मे नही होगी पूजा अर्चना केवल दुर से ही ले सकेंगे दर्शन लाभ, भगवान के VIP भक्त : वो नियम तो आम के लिए है क्या हमसे बड़ा है शासन, भगवान के सेवादार: VIP को आने दो, भगवान को आम से कोरोना हो सकता है, थर्ड आई: CCTV इंचार्ज : होने दो जो रहा है रिकार्ड कौन अधिकारी देखता है” कवर्धा भोरमदेव मंदिर मे महामारी अधिनियम की सरे आम उड़ रही धज्जियाँ,


द भारत लाइव । कवर्धा,
छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहे जाने वाले भोरमदेव मंदिर मे कोरोना महामारी अधिनियम को ध्यान मे रखते हुए मुख्य मंदिर के गर्भ गृह मे प्रवेश पूर्णत: वर्जित है, श्रावण मास के प्रारम्भ होते ही प्रवेश और भी कठोरता के साथ बंद कर दिया गया है। लेकिन ये सब हुआ है तो केवल आम भक्तों के लिए VIP की एंट्री आज भी पहले की तरह ही है जबकि प्रशासन इसपर कुछ बोलने से मौन है वे तो अपने अपने कामों मे इतने मसगुल की उनको इस बात की सुध भी नही है।

नगर के गणमान्य नागरिक और पहुँचे हुए कुछ व्यक्ति विशेष पक्ष क्यूँकि वे सत्ता मे हैं और व्यक्ति विशेष विपक्ष क्यूँकि वे कई सालों से सत्ता मे थे! तो क्या अख़िर रिशता, रिलेसन नाम की भी कोई चीज़ होती हैं भई! खैर जो भी हो, अपने अपने ताक़त का प्रदर्शन कर वे, उनको इस संसार मे बनाने वाले परमपिता को दिखा, उन तक पहुचने मे लगाया और पूजा अर्चना की।

शायद अब कोरोना मे भगवान भी आम जन से पूजा करवाने मे कतरा रहे हो। ऐसा इसलिए के जो स्वयंभू हैं उन्होंने स्वयं जिले के मुखिया और प्रबंधन अधिकारी को बताया हैं जिसकी प्रमणिकता इन VIP भक्तों और रसूखदारों के SOCIAL MEDIA में डाले गये पोस्ट और फ़ोटो से मिलती है।



और जब स्वयंभू की प्रामणिकता मिल गयी हैं तो भला आम जन तो छोड़ दो अधिकारी क्या मंदिर के सेवादार पुजारी क्या और कोरोना महामारी क्या और उसपर उलंघन करने पर होने वाला महामारी अधिनियम भी क्या !

फ़ोटो स्त्रोत : facebook

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