जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद जाने का कितना होगा किराया? लगेगा इतना समय

रायपुर : प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल सोमवार को बस्तर जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद की हवाई यात्रा का शुभारंभ कर चुके हैं. बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए 72 सीटर नियमित उड़ान सेवा शुरू हो चुकी है. जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे से अब बस्तरवासियों को हवाई मार्ग से रायपुर तथा हैदराबाद आवागमन की सुविधा का लाभ मिलेगा.

प्रतदिन मिलेगी विमान सेवा

बस्तरवासी अब हफ्ते के सातों दिन रायपुर और हैदराबाद ट्रैवल करने का सोच सकते हैं. बता दें टिकट की बुकिंग एलायंस एयर के वेबसाईट, ऐप एवं टिकट काउण्टर के माध्यम से किया जा सकता है. यात्री किराया भी न्यूनतम रखा गया है, जिसे आसानी से वहन किया जा सकता है.

कितना होगा किराया

हैदराबाद से जगदलपुर आने के लिए यात्री को 1405 रूपये देना होगा. इसके साथ ही जगदलपुर से रायपुर आने के लिए 1270 रूपये खर्च करने होंगे. आम नागरिक कम खर्चे में आसानी से हवाई यात्रा का लाभ ले सकते हैं.

कितना लगेगा समय

बस्तर से रायपुर एवं हैदराबाद की यात्रा में केवल एक घंटे का समय लगेगा. बस्तर के यात्री हैदराबाद से आगे विश्व में कहीं भी जा सकते हैं. गौरतलब है कि सड़क माध्यम से रायपुर की यात्रा 6 घंटे में पूरी होती है तथा हैदराबाद की यात्रा में लगभग 12 घंटे का समय लगता है.

आमचो बस्तर कैन्टीन

एयरपोर्ट टर्मिनल में आमचो बस्तर कैन्टीन की शुरूआत की जा रही है. कैन्टीन का संचालन नक्सल समर्पित परिवार के सदस्यों के द्वारा किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एयरपोर्ट जगदलपुर में आमचों बस्तर केन्टीन का भी शुभारंभ किया.

1939 में रखी गई थी जगदलपुर एयरपोर्ट की नींव

जगदलपुर एयरपोर्ट की नींव सन् 1939 में द्वितीय विश्व युद्व के पूर्व ब्रिटिश काल में रखी गयी थी. तब इसे जहाज भाटा के नाम से जाना जाता था. 13 मार्च 1953 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू ने भी बस्तर के इस जहाज भाटा में अपना कदम रखा था. इसके अतिरिक्त पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ प्रतिभा पाटिल एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, व्हीपी सिंह, अटल बिहारी बाजपेयी जैसी महान विभूतियां भी इस पावन धरा में कदम रख चुके हैं.

20 मार्च 1988 को जगदलपुर से भोपाल के बीच वायुदूत सेवा के नाम से उड़ान की शुरूआत तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा ने की थी. उन्होंने अपने मंत्रीमंडल के सदस्यों के साथ प्रथम यात्रा भोपाल से जगदलपुर के लिए की थी. जगदलपुर एयरपोर्ट का उपयोग सामरिक कार्यों के लिये किया जाता रहा है .

मां दन्तेश्वरी के नाम से जाना जाएगा जगदलपुर एयरपोर्ट

छत्तीसगढ़ सरकार ने जगदलपुर एयरपोर्ट का नामकरण अंचल की आराध्य देवी माँ दन्तेश्वरी के नाम से किया है. मां दन्तेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर कुल 57.6 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में स्थापित है. एयर स्ट्रिप की लम्बाई 1704 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर है. एयरपोर्ट के आधारभूत सुविधाओं का प्रबंधन लोक निर्माण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा किया जा रहा है. एयरपोर्ट में एयर ट्रॉफिक कंट्रोल का प्रबंधन एयरपोर्ट एथॉरिटी आफ इंडिया द्वारा किया जाएगा.

एयरपोर्ट में 72 सीटर यात्री क्षमता वाली हवाई जहाज को संचालित किया जा रहा है. यात्री विमान सुबह 9 बजे हैदराबाद से उड़ान भरकर जगदलपुर होते हुए दोपहर 12 बजे तक रायपुर पहुंचेगा. वापस हैदराबाद के लिए यह विमान रायपुर से 12.30 बजे उड़ान भरकर 1.35 बजे जगदलपुर पहुंचेगा और वहां से 2.05 बजे उड़ान भरकर 3.40 बजे हैदराबाद पहुंचेगा.

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