जब भीख मांगने वाली लड़की से हुआ प्यार : लॉकडाउन में खाना बांटते-बांटते भीख मांगने वाली लड़की से युवक को हुई मोहब्बत….फिर कर ली उससे शादी …पढ़िये ये अनूठी कहानी


कोरोना में इश्क की एक ऐसी कहानी सामने आयी है…जो मोहब्बत की दुनिया में किसी मिसाल से कम नहीं। कोरोना में भीख मांगने वालों को खाना खिलाकर मदद करने वाले एक युवक को भीख मांगने वाली ही एक लड़की से प्यार हो गया। प्यार ऐसा परवान चढ़ा कि अब दोनों शादी के बंधन में बंध गये हैं। इश्क की ये खूबसूरत कहानी कानपुर में देखने को मिली…जहां अनिल और नीलम का प्यार कुछ इस कदर परवान चढ़ा की लॉकडाउन में दोनों सात जन्मों के लॉक हो गये।

दरअसल अनिल एक प्रापर्टी डीलर के आफिस में ड्राइवर का काम करता है, वहीं नीलम फुटपाथ पर बैठकर भीख मांगती थी।कोरोना का जब दौर शुरू हुआ तो प्रापर्टी डीलर घर दिन फुटपाथ में बैठे भीखमंगों को खाना खिलाने लगा। इस काम में मदद के लिए ड्राइवर अनिल भी साथ जाता था। नीलम भी फुटपाथ पर बैठकर दूसरे लोगों के साथ भीख मांगती थी और अनिल के दिये खाने को लिया करती थी। नीलम के पिता नहीं हैं, मां पैरालिसिस से पीड़ित है. भाई और भाभी ने मारपीट कर घर से भगा दिया था.

नीलम के पास गुजारा करने के लिए कुछ नहीं था. इसलिए वो लॉकडाउन में खाने लेने के लिए फुटपाथ पर भिखारियों के साथ लाइन में बैठती थी. अनिल अपने मालिक के साथ रोज सबको खाना देने आता था. इसी दौरान अनिल को जब नीलम की मजबूरियों का पता चला तो उसे उससे प्यार हो गया. फिर क्या भिखारी की लाइन से निकलकर नीलम सात जन्मों के लिए उसकी हमसफर बन गई.

नीलम को तो ये उम्मीद भी नहीं थी कि उससे कोई शादी करेगा। लेकिन इस शादी को कराने में अनिल के मालिक लालता प्रसाद का सबसे बड़ा योगदान रहा। अनिल जब दिन में खाना बांटकर आता तो अपने मालिक के साथ नीलम के बारे में बातें करता था। तभी लालता प्रसाद ने उसकी भावना को समझ लिया। इसके बाद लालता प्रसाद ने अनिल के पिता को शादी के लिए राजी किया और फिर दोनों की शादी करा दी।

आप हमें फ़ेसबुकट्विटरटेलीग्राम और व्हाट्सप्प पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.