दुनियाभर में कब तक आएगी कोरोना वैक्सीन? जानिए WHO का जवाब

जेनेवा। कोरोना वायरस महामारी दुनियाभर में तेजी के साथ लोगों को अपनी चपेट में लेती जा रही है। हालांकि, सुरक्षा उपायों के साथ एक बार फिर से कारोबार को खोला जा रहा है। लेकिन, अब भी लोगों के सामने यह सवाल है कि आखिर कब तक दुनिया को कोविड-19 वैक्सीन मिलेगी और वे इस महामारी से बेखौफ होकर अपना काम कर पाएंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो इसके लिए अभी लंबा इंतजान करना पड़ा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि वह कोरोना के खिलाफ दुनियाभर में वैक्सीन की उपलब्धता अगले साल के मध्य से पहले उम्मीद नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने कड़ाई से जांच करने और सुरक्षा पर जोर दिया।

जेनेवा में एक ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए प्रवक्ता मारग्रेट हैरिस ने कहा- अगले साल के मध्य से पहले तक हम दुनियाभर में व्यापक रूप से कोविड-19 वैक्सीन की उपलब्धता की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल्स का हवाला देते हुए कहा- “तीसरा चरण लंबा होगा क्योंकि हमें यह देखने की जरूरत है कि कितना ये हकीकत में सुरक्षा करती है और यह कितना सुरक्षित है।”

दुनिया के करीब 76 देश अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सह-नेतृत्व वाली वैश्विक कोरोना वैक्सीन आवंटन योजना में शामिल होने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसका उद्देश्य टीका खरीदने और उन्हें वितरित करने में मदद करना है। इस योजना से जुड़े एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी है।

 

GAVI वैक्सीन गठबंधन के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष सेठ बर्कले ने कहा कि समन्वित योजना, जिसे COVAX के रूप में जाना जाता है, में अब जापान, जर्मनी, नॉर्वे सहित 70 से अधिक अन्य राष्ट्रों ने हस्ताक्षर किए हैं। ये सभी देश कोरोना वैक्सीन की खरीद के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं।

बर्कले ने एक साक्षात्कार में बताया, “हमारे पास अभी 76 देश हैं जिन्होंने टीका खरीदने और उसे अपने देश की जनता तक पहुंचाने के लिए हामी भरी है। हम उम्मीद करते हैं कि इसी संख्या बढ़ेगी।” उन्होंने आगे कहा, “यह अच्छी खबर है। यह दिखाता है कि COVAX की सुविधा व्यवसाय के लिए खुली है और दुनिया भर में उस प्रकार की इच्छा को आकर्षित कर रही है, जिसकी हमें उम्मीद थी कि यह होगा।’

बर्कले ने कहा कि COVAX समन्वयक चीन के साथ इस बारे में बातचीत कर रहे हैं कि क्या यह भी इसमें शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा, “हमने चीनी सरकार के साथ कल चर्चा की थी। हमारे पास उनके साथ अभी तक कोई हस्ताक्षरित समझौता नहीं है, लेकिन बीजिंग ने सकारात्मक संकेत दिया है।”

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